कान्हा
कान्हा तेरे रंग में रंगी हु में फिर से, बासुरी की धुन से सजी हु में फिर से, तेरे मधुर गीतों से रंग और बढ़ जाये मेरा, तेरे लिए सजी हु में आज फिर से, मेहदी हाथों में सजा दी तेरे नाम की, बिंदिया माथे पर सजा दी तेरे नाम की, तेरे मधुर गीतों पर खो गयी आज फिर से, तेरी राधा हो गई हु में आज फिर से। कान्हा तेरे रंग में रंगी में आज फिर से।।।